अध्याय 9 सेहत

सबसे बड़ा brainwash यहीं होता है - खास करके young और single लोगों का - जो सोचते हैं उन्हें पता है कितना नुकसान होता है, पर उन्हें कुछ नहीं पता। अपने आप को बेवकूफ बनाते हैं कि “जो होगा देख लेंगे।”। सोचो अगर तुम्हारा internet router किसी porn site पर जाते ही alarm बजाकर warning दे - “अब तक तो बच गए हो, पर एक मिनट और रुके तो तुम्हारा दिमाग फट जाएगा।” क्या तब भी रुकते? अगर जवाब में शक है तो एक experiment करो - किसी building की छत पे जा, एकदम किनारे पर खड़ा हो, आंखें बंद कर और सोच: या तो porn छोड़ दे या फिर आंखें बंद करके एक कदम आगे चल।

तुम क्या चुनोगे इसमें कोई शक नहीं, लेकिन ये सोचकर बैठे रहना कि “एक दिन अपने आप छूट जाएगी लत”, इससे कुछ नहीं होने वाला। Users खुद को health risks के बारे में सोचने ही नहीं देते, क्योंकि अगर सोचेंगे तो addiction का फर्जी मजा खत्म हो जाएगा। यही वजह है कि शुरुआत में shock treatment काम नहीं करते: सिर्फ non-users ही दिमाग पर होने वाले नुकसान के बारे में पढ़ते हैं।

ये रहा young users से होने वाला एक common conversation.

मैं: “क्यों छोड़ना चाहते हो?”

User: “एक dating guru के blog पर पढ़ा कि चार दिन no-fap से confidence बढ़ता है।”

मैं: “सेहत के नुकसान की tension नहीं है?”

User: “नहीं, कल को ट्रक के नीचे भी आ सकता हूं।”

मैं: “लेकिन क्या तुम जान-बूझकर ट्रक के नीचे आओगे?”

User: “बिल्कुल नहीं।”

मैं: “तो फिर सड़क पार करते वक्त दाएं-बाएं देखकर नहीं चलते?”

User: “हां यार, देखता हूं।”

ट्रक के नीचे न आ जाएं इसके लिए सावधानी बरतते हैं, और chances भी हजारों में एक हैं। लेकिन वही user अपनी addiction से बर्बाद होने का almost पक्का risk लेता है और फिर भी बेफिक्र है। ऐसी है इस brainwash की power; internet porn भेड़ की खाल में भेड़िया है। सोचो, फ्लाइट में जरा सी गड़बड़ का शक हो तो हम चढ़ने से मना कर देते हैं - भले ही accident का chance लाखों में एक हो। porn में चार में से एक का risk लेते हैं और फिर भी अनजान बने रहते हैं? User को मिलता क्या है इससे? एकदम कुछ नहीं!

एक और बकवास theory है depression और चिड़चिड़ेपन की। बहुत से young लोग सोचते हैं “हमें क्या tension, न कोई depression है न कोई mood खराब होता है।” पर समझो - depression या stress कोई बीमारी नहीं है, ये तो बीमारी का symptom है। young लोगों को irritation या depression इसलिए feel नहीं होता क्योंकि उनका शरीर ज्यादा dopamine बना सकता है। जैसे-जैसे age बढ़ती है या life में कोई बड़ा झटका लगता है, उनका पहले से कमजोर system overload हो जाता है और तब पूरे symptoms दिखते हैं। जब older users को stress, depression या irritation होती है, क्योंकि nature का safety system उनके nervous system को ज्यादा dopamine-flooding से बचा रहा है, receptors को कम करके। user के दिमाग में और भी changes होते हैं जो उसे इस चक्कर में फंसाए रखते हैं।

ऐसे समझो - मान लो तुम्हारी पास एक मस्त motorcycle है। अब तुम उसे जंग खाने दो, कुछ करो ही नहीं, तो कितनी बड़ी बेवकूफी होगी? थोड़े time में वो खड़ी-खड़ी सड़ जाएगी, कहीं जाने लायक भी नहीं रहेगी। पर चलो, motorcycle का क्या है - पैसे लगाओ, नई ले लो। लेकिन तुम्हारा शरीर वो गाड़ी है जो तुम्हें जिंदगी भर चलानी है। सब बोलते हैं सेहत से बड़ी कोई दौलत नहीं - किसी बीमार करोड़पति से पूछ लो। हम में से ज्यादातर लोग अपनी life की किसी बीमारी या accident को याद कर सकते हैं जब हमने ठीक होने की दुआ मांगी। Porn user बनकर तुम न सिर्फ जंग लगने दे रहे हो और कुछ कर नहीं रहे हो, बल्कि उस एक motorcycle को तबाह कर रहे हो जो तुम्हें पूरी जिंदगी ले जाने वाली है।

समझदार बनो। ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है। एक बात याद रखो - इससे तुम्हें मिल कुछ भी नहीं रहा। एक सेकंड के लिए सच्चाई का सामना करो और खुद से पूछो - अगर तुम्हें पक्का पता हो कि अगला session ऐसा process शुरू कर देगा जिससे तुम अपने प्यार के प्रति बिल्कुल बेअसर हो जाओगे, तो क्या फिर भी देखोगे? जिनके साथ ऐसा हुआ है, उन्होंने भी नहीं सोचा था कि उनके साथ होगा। और सबसे बुरी बात बीमारी नहीं है, बल्कि ये एहसास है कि ये सब अपने हाथों से किया है। उन लोगों के बारे में सोचो जिन्होंने ‘वो line cross कर ली’। उनकी brainwashing खत्म हो गई। वो बाकी की जिंदगी यही सोचते हैं, “क्यों इतने साल अपने आप को धोखा देता रहा कि मुझे porn चाहिए? काश वो दिन वापस आ जाए!”

अपने आप को बेवकूफ बनाना बंद करो यार, तुम्हारे पास अभी मौका है। ये एक chain reaction है, अगर अगला porn session करोगे, तो अगला automatically होगा, फिर अगला, फिर अगला। तुम्हारे साथ ये पहले से चल रहा है। EasyPeasy में कोई shock treatment नहीं है, अगर तुमने decide कर लिया है कि छोड़ना है, तो आगे का part तुम्हें shock नहीं करेगा। अगर नहीं किया है, तो इस chapter का बाकी हिस्सा skip कर दो और book का बाकी part पढ़ने के बाद वापस आके इसे पढ़ना।

Internet porn से हमारी sex life और mental health को कितना नुकसान होता है, इस पर ढेरों research हो चुकी है। पर दिक्कत ये है कि जब तक छोड़ने का मन नहीं बनता, कोई जानना ही नहीं चाहता। Forums और mentor groups का कोई फायदा नहीं क्योंकि porn ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। कभी गलती से भी ये सब पढ़ लिया, तो सबसे पहले अपनी favorite साइट खोलेंगे। Users सोचते हैं कि खुशी, stress और sex problems किस्मत की बात है, लॉटरी की तरह हैं - लगी तो लगी, नहीं लगी तो बच गए।

समझो यार, ये तुम्हारे साथ already हो रहा है। हर एक बार जब तुम porn site खोलते हो, dopamine flooding होती है और opioids काम करने लगते हैं। Neural walter-slides और फिसलने हो जाते हैं और अगले steps तक आराम से ले जाते हैं, क्योंकि तुम्हारा दिमाग पहले से ही हार चुका होता है। Nervous system dopamine से भर जाता है और चूंकि ये न जाने कितनी बार हो चुका है, dopamine receptors बंद होने लगते हैं। छोटा शैतान इस pleasure की कमी को use करके तुम्हें और shocking porn या behaviour की तरफ ले जाता है, ताकि और dopamine release हो। ज्यादा नया-पन, ज्यादा dopamine और छोटा शैतान कहता है - और चाहिए। एक session में इतनी सारी pictures और videos एक supernormal stimulus create करती हैं, दिमाग में और chemicals डालती हैं और तुम्हें जारी रखने पर मजबूर करती हैं।

इस पूरे time, तुम्हारे receptors इस dopamine flooding से बचने के लिए बंद होने लगते हैं। Orgasm इस effect को और बढ़ा देता है और withdrawal शुरू हो जाता है। तुम मानते नहीं क्योंकि छोटा शैतान crave करता है, बिना किसी real pain या तकलीफ के। सबको डर लगता है कि कहीं Erectile dysfunction न हो जाएं। पर इस डर को दबा देते हैं और उल्टा porn छोड़ने से डरने लगते हैं। ऐसा नहीं है कि ये डर ज्यादा है, पर आज छोड़ना immediate है। । सोचते हैं - क्यों negative सोचें? शायद कुछ न हो, या तब तक छोड़ ही देंगे।

देखो, हम सोचते हैं porn एक तरह की खींचतान है: एक तरफ डर है कि “ये तो unhealthy है, गंदी चीज़ है, इसकी लत लग जाएगी।” दूसरी तरफ लगता है “इससे pleasure आता है, ये मेरा साथी है, मेरा सहारा है।” पर समझ में ये नहीं आता कि दूसरी तरफ भी डर ही काम कर रहा है; हमें मजा नहीं आता, बस इसके बिना तड़पते हैं। बात ये नहीं कि हमें porn से मजा आता है, बात ये है कि इसके बिना हम परेशान हो जाते हैं। जैसे heroin का नशेड़ी जब नशे के बिना तड़पता है, और फिर जब vein में inject है तो कैसी राहत मिलती है। सोचो, कौन मानेगा कि vein में injection घुसाने में मजा आता है? जो नशेड़ी नहीं है उसे ये बेचैनी होती ही नहीं, और नशा इस बेचैनी को दूर नहीं करता - ये बेचैनी पैदा करता है।

Non-users को बिना porn कोई दिक्कत नहीं होती - ये तड़प सिर्फ users को होती है। Internet porn इस तड़प को दूर नहीं करती, जगाता है। negative consequences का डर users को छोड़ने में help नहीं करता, क्योंकि वो इसे mine field में चलने जैसा समझते हैं। बच गए तो ठीक, पर किस्मत खराब हुई और bomb पर पैर पड़ गया तो भुगतो। सोचते हैं - risk तो पता है, लेना है तो लेंगे, किसी और को क्या मतलब?

“बूढ़े तो होना ही है, sex power तो जानी ही है…”

हां, ये तो है, पर बात sex power की नहीं है - यहां गुलामी की बात हो रही है। और अगर ऐसा भी है, तो क्या जान-बूझकर अपनी जिंदगी छोटी करने का ये कोई logical कारण है?

“जिंदगी जीने में मजा होना चाहिए, सिर्फ जीने से क्या फायदा।”

बिल्कुल! क्या तुम कह रहे हो कि एक user की life quality, non-user से बेहतर है? क्या मानते हो कि porn देखने वालों की जिंदगी non-users से बेहतर है? खुद को धोखा देते रहो और अंदर ही अंदर जलते रहो - इसमें क्या मजा है?

“मैं single हूं और आगे भी settle होने का प्लान नहीं है, तो क्या problem है?”

चलो मान लिया तुम single ही रहोगे, तो क्या दिमाग के control system के साथ खिलवाड़ करने का ये कोई logical reason है? सोचो, कोई इतना पागल होगा कि अकेला मिला नहीं कि नंगा हो जाए, चाहे कितना भी confirm हो कि कोई नहीं आएगा? देखो कहां सिमट गई है तुमहारी जिंदगी!

ज्यादा stimulation से हमारे दिमाग के reward circuits धीरे-धीरे खराब हो जाते हैं, और life की normal tensions handle नहीं कर पाते। इससे जोश और उत्साह से जीने में कैसी मदद मिलेगी? Porn और masturbation ने natural sex drive की जगह ले ली है, बिल्कुल वैसे ही जैसे Maggi ने असली खाने की जगह ले ली है। कोई हैरानी नहीं कि बहुत से doctors और psychologists mental health problems को शारीरिक कारणों से जोड़ रहे हैं। Medical community वाले यही रट लगाते हैं कि porn के नुकसान scientifically prove नहीं हुए हैं। पर सोचो - कौन अपनी sex लाइफ की problems public में बताएगा? अगर लोग बता भी रहे हैं, क्योंकि उन्होंने असली वजह पहचान ली है।

EasyPeasy तुम्हें porn से छुटकारा दिलाएगा और एक खुश ex-user बना देगा। न porn, न porn के साथ masturbation और न ही बेकार के orgasms। सिर्फ अपने partner का touch, दर्शन और scent। जैसे भूख लगने पर रोटी-दाल का मजा आता है, वैसे ही तुम्हें internet porn का नकली सुख नहीं चाहिए होगा। इसे prove करने की जरूरत नहीं - जैसे हथौड़ा अंगूठे पर पड़े तो दर्द होता है, इसका सबूत कौन मांगता है? porn का tension user की पूरी life को affect करता है, और बहुत लोग इससे निपटने के लिए Cigarette या शराब जैसे नशों का सहारा लेते हैं। कुछ तो इतने टूट जाते हैं कि suicide तक सोचने लगते हैं।

Users को ये भी गलतफहमी होती है कि porn के side-effects बढ़ा-चढ़ाकर बताए जाते हैं। असल में उल्टा है, internet porn sexual problems और कई दूसरी दिक्कतों की मुख्य वजह है। कितने divorces porn की वजह से हुए हैं? सही number तो कोई नहीं बता सकता, पर online communities में देखो तो हर दिन नए cases आ रहे हैं। और ये तो बस वो cases हैं जो लोग share करते हैं - असली numbers तो और भी ज्यादा होगा।

US के show Friends का एक episode है - जब Joey और Chandler को TV पर free porn मिलने लगती है, और वो सोचते हैं कि pizza delivery वाली लड़की उनके ‘bedroom’ में क्यों नहीं आइ। जब तुम addict हो जाते हो, तो लड़कियों पर porn की fantasies project करने लगते हो। सोचो, अगर कोई पहले जिंदगी में परेशान हो और गलती से भी internet के dark side पर porn देख ले तो क्या होगा। इन porn से आये thoughts से लड़ते रहना उनकी mental health को और खराब कर देगा।

(एक बात सोचो: अगर कोई कहे कि बस प्यार से intimacy चाहिए, penetrative भी OK है, बस साथ रहना है, orgasm होना target नहीं - हो गया तो भी ठीक है। मैं यकीन दिलाता हूं, अगर कभी ऐसा मौका मिले तो ये एक खूबसूरत experience होगा। Try करना।)

Brainwashing का असर देखो - हम उस आदमी की तरह सोचते हैं जो 100 मंजिला building से गिर रहा है और 50 वीं मंजिल पर पहुंचकर बोलता है, “अभी तक तो सब ठीक है!” हम सोचते हैं कि अब तक तो कुछ नहीं हुआ, एक और session से क्या फर्क पड़ेगा। एक और तरीके से सोचो: ये ‘habit’ एक लंबी चेन है जहां हर session अगले session की जरूरत पैदा करता है। जब शुरू करते हो, तो एक बम की बत्ती जला देते हो। और मुसीबत ये है कि पता नहीं बत्ती कितनी लंबी है। हर बार porn देखने से तुम बम फटने के एक कदम पास आ जाते हो। क्या पता अगली बार ही बम फट जाए?

9.1 काले साए

Porn देखने वालों को लगता है कि घर या office में लड़ाई-झगड़े के बाद, रात को अकेले में जो डर और बेचैनी होती है, वो normal है। पर असल में ये normal नहीं है - non-users को ये feeling नहीं होती। ये बेचैनी porn की दी हुई सौगात है।

Porn छोड़ने का एक और बड़ा फायदा है दिमाग के काले सायों से आजादी। हर user जानता है कि porn के नुकसान ignore करना बेवकूफी है। जिंदगी में ज्यादातर वक्त ये automatic चलता है, पर वो काले साए हमेशा हमारे subconscious में कहीं छिपे रहते हैं। Porn छोड़ने के कई शानदार फायदे तो सीधे दिखते हैं - जैसे time की बर्बादी रुकना और flat screen से प्यार करने की बेवकूफी खत्म हो जाती है।

पिछले chapters में non-user होने के बड़े फायदों के बारे में बात की, लेकिन fair रहने के लिए balanced view देना जरूरी है। इसलिए, अगला chapter user होने के फायदों की list देगा।