अध्याय 25 Substitutes

कुछ लोग porn magazines, static internet images, porn diets वगैरह का जुगाड़ लगाते हैं। भूलकर भी ऐसा मत करना। इससे चीज़ें आसान नहीं, बल्कि और मुश्किल हो जाती हैं। अगर craving आई और तुमने कोई substitute use किया तो बस craving को और लंबा खींचोगे, और ज्यादा मुसीबत में फंसोगे। असल में तुम ये कह रहे हो कि तुम्हें खालीपन भरने के लिए porn चाहिए। ये किसी hijacker या जिद्दी बच्चे की बात मान लेने जैसे है - इससे cravings आती रहेंगी और torture लंबा खिंचता जाएगा। ये substitutes cravings को खत्म नहीं करेंगे। तुम्हारे दिमाग को कुछ chemicals चाहिए होते हैं, और ये सब बस porn के बारे में सोचते रहने का बहाना है। ये बातें याद रखो:

  1. porn का कोई सब्स्टिट्यूट नहीं होता।

  2. तुम्हें porn की जरूरत नहीं है। ये खाना नहीं है, जहर है। जब craving आए तो याद रखो कि withdrawal cravings बस users को होते हैं, non-users को नहीं। इन्हें वैसा ही समझो जैसा ये हैं - नशे का कहर। इन्हें शैतान की मौत समझो।

  3. Internet porn खालीपन भरता नहीं है, बनाता है। जितनी जल्दी तुम अपने दिमाग को समझा दोगे कि porn की जरूरत नहीं है, उतनी जल्दी free हो जाओगे। खासकर उन चीज़ों से दूर रहो जो porn जैसी लगती हैं - men’s magazines, फिल्में, romance novels, ads वगैरह। ये कोई narrow minded होना नहीं है, romance और sex की बात करना ठीक है, पर porn की नहीं। Porn, sex, और romance में अंतर करना आसान है। हां, कुछ लोग softcore या porn diets से छोड़ने में कामयाब हो जाते हैं (उनके हिसाब से), और इसका credit इन चीज़ों को देते हैं। पर वो इन सब के बावजूद छोड़ते हैं, इनकी वजह से नहीं। दुख की बात है कि अभी भी बहुत लोग इन चक्करों की सलाह देते हैं।

जब तक पूरी तरह समझ नहीं आता कि porn एक trap है, तब तक diet या soft Substitutes एकदम logical लगता है। लोग सोचते हैं कि porn छोड़ने में दो बड़े दुश्मनों से लड़ना पड़ता है:

  • आदत तोड़ना

  • भयंकर physical withdrawal craving से बचना

अब सोचो, अगर दो tough दुश्मन हैं तो एक साथ लड़ने की बजाय एक-एक करके लड़ना ज्यादा समझदारी लगती है? तो theory ये बनती है कि पहले हफ्ते में एक बार तक कम कर दो या फिर ‘safe’ porn देखो। फिर जब आदत टूट जाए तो धीरे-धीरे और कम करते जाओ। यानी हर दुश्मन से अलग-अलग लड़ो।

सुनने में तो ये एकदम सही लगता है, पर बात गलत है एकदम। Porn कोई आदत नहीं है, ये dopamine की लत है, और withdrawal में जो physical pain होता है वो इतना मामूली होता है कि पता भी नहीं चलता। जब तुम छोड़ने की सोचते हो तो मकसद होता है body और दिमाग के दोनों शैतानों को जल्द से जल्द मारना। ये सब substitutes छोटे शैतान को जिंदा रखते है, और इससे brainwashing भी लंबी खिंचती है। EasyPeasy से तुम एकदम से छोड़ सकते हो, last session से पहले ही brainwashing को खत्म कर सकते हो। छोटा रखते जल्द ही मर जाएगा, और मरते वक्त वो उतना problem नहीं करेगा जितना तुम user थे तब करता था।

जरा सोचो - नशा, नशे से कैसे छूटेगा? Internet पे ढेर सारी कहानियां हैं जहां लोगों ने hardcore porn तो छोड़ दीया पर अब ‘safe’ options के चक्कर में फंस गए, क्योंकि उनके अंदर का छोटा शेतान उन्हें control कर रहा है। इस झांसे में मत आओ कि safe porn इतनी गंदी नहीं है - पहली high-speed clip भी तो ऐसी ही थी ना? सारे substitute का असर porn जैसा ही होता है। कुछ लोग तो ज्यादा खाना खाने लगते हैं, पर session की craving और भूख भले एक जैसी लगे, एक दूसरे को satisfy नहीं करेगी। उल्टा, अगर कोई चीज़ तुम्हें porn की तरफ धकेलेगी तो वो है पेट फुला के खाना। जैसा पहले बताया, porn diets और सेफ porn तुम्हें उस रस्साकशी के बीच में फंसा देंगे, जहां temptation से लड़ना इतना irritating होगा कि तुम राहत के लिए अपने favourite online कोठे में वापस चले जाओगे।

substitutes की सबसे बड़ी problem है कि ये brainwashing को लंबा खींचते हैं। क्या flu ठीक होने के बाद तुम्हें उसका कोई substitute चाहिए होता है? बिल्कुल नहीं ना! जब तुम कहते हो कि porn का substitute चाहिए, तो तुम्हें लग रहा है कि कुछ miss हो रहा है। Willpower से depression इसलिए आता है क्योंकि बंदा सोचता है कि वो कुछ sacrifice कर रहा है। तुम एक problem की जगह दूसरी problem ले रहे हो। खाना ठूंस-ठूंस के, cigarette फूंक के या शराब पीके कोई मज़ा नहीं आएगा। बस मोटे हो जाओगे, दुखी हो जाओगे और थोड़े time में फिर वही पुराने नशे पे वापस।

Casual users के लिए मानना मुश्किल होता है कि उनका छोटा सा reward छिन गया है, जैसे वो लोग जो travel या family functions में net नहीं चला पाते। कुछ बोलते हैं, “बिना porn के तो relax होना ही भूल जाऊंगा यार।” यही तो point है - अक्सर break इसलिए नहीं लेते क्योंकि जरूरत है या मन है, बल्कि इसलिए क्योंकि नशेड़ी की तरह उनकी नस फड़क रही होती है।

याद रखो, porn sessions कभी असली rewards नहीं थे। ये बिल्कुल ऐसा है जैसे tight जूते पहन के चलो और फिर उतारने में मज़ा ढूंढो। तो अगर तुम्हें लगता है कि reward चाहिए ही चाहिए, तो फिर यही करो - एक size छोटी underwear पहन लो या tight जूते, और break टाइम तक मत उतारो। फिर जब उतारोगे तो वही relaxed और satisfaction वाला मज़ा आएगा। ये कितना illogical solution है? तुम एकदम सही सोच रहे हो। जब तक trap में हो तब तक समझ में नहीं आएगा, पर users यही तो करते हैं। ये भी समझना मुश्किल है कि जल्द ही तुम्हें इस ‘reward’ की जरूरत नहीं पड़ेगी और तुम अपने addicted दोस्तों पर तरस खाओगे और सोचोगे कि उन्हें क्यों समझ नहीं आता।

लेकिन अगर तुम खुद को ये बेवकूफ बनाते रहे कि online कोठे पर जाना असली reward था, या फिर तुम्हें कोई substitue चाहिए, तो तुम depressed रहोगे। और chance है कि तुम फिर से इस गंदे trap में फंस जाओ। अगर तुम्हें असली break की जरूरत है, जैसे housewifes को, teachers को, doctors को और दूसरे workers को होता है, तो जल्द ही तुम उस break का और ज्यादा मज़ा लोगे क्योंकि अब तुम्हें नशे की जरूरत नहीं पड़ेगी। याद रखो - तुम्हें किसी substitute की जरूरत नहीं है। ये cravings बस dopamine की भूख है और जल्द ही खत्म हो जाएगी। अगले कुछ दिन इसी को अपना सहारा बनाओ और अपने दिमाग और body को इस गुलामी से आज़ाद करने का मज़ा लो।