अध्याय 17 सही time का चुनाव

Internet porn को छोड़ने का सही समय अभी है - इस ज़ाहिर बात के अलावा, timing बहुत important है। Society इसे एक छोटी सी बेकार habit समझती है जो health को affect नहीं करती। लेकिन यह सच नहीं है। यह एक नशे की लत है, एक बीमारी है, जो society में relationships को तबाह करती है। ज्यादातर users की life में सबसे बुरी चीज़ है इस खतरनाक addiction का शिकार होना। अगर वो इसमें फंसे रहते हैं, तो life बिगड़ जाती हैं। इसलिए सही इलाज के लिए timing का ध्यान रखना important है।

सबसे पहले, उन मौकों को पहचानें जब porn का मन करता है। अगर आप एक businessperson हैं जो stress relief के delusion में देखते हैं - तो कोई relatively free या छुट्टी का समय चुनें। अगर आप boring या relaxing time में देखते हैं, तो इसका उल्टा करें। कुछ भी हो, इस attempt को seriously लें।

अगले 3 हफ्तों के लिए सोचो कि कौन सी situations तुम्हें वापस इस तरफ ले जा सकती हैं। जैसे कि business trips, या फिर partner का out of town होना। पर इन सब से डरने की जरूरत नहीं है, बस पहले से ready रहो और ये मत सोचो कि तुम कुछ miss कर रहे हो। और हां, अभी से porn कम देखने की कोशिश मत करो, इससे उल्टा तुम्हें लगेगा कि इसे छोड़ना मुश्किल है। असल में, इन आखिर के कुछ दिनों में ज्यादा से ज्यादा देखो। आखिर session के time ध्यान दो - कैसा empty feel होता है, expectations पूरी नहीं होतीं, body में दर्द होता है, mood खराब हो जाता है, एक अजीब सी tension और sadness आ जाती है। सोचो कि जब ये सब छूट जाएगा तो कितना अच्छा feel करोगे।

देखो भाई, ये “अभी नहीं, बाद में” वाले trap में मत पड़ो और issue को ignore मत करो। अभी अपना plan बनाओ और excited रहो।

याद रखो, तुम कुछ खो नहीं रहे हो। उल्टा, तुम्हारी life में बहुत सारी positive चीज़ें आने वाली हैं।

सालों से medical की दुनिया ने porn को harmless माना है। उन्हें पुराने ज़माने के simple porn और आज के VR porn में फर्क ही नहीं पता। असली problem यह है कि हर user इसे सिर्फ dopamine के लिए use करता है, लेकिन addiction की वजह dopamine नहीं, खुद का brainwashing है। एक smart आदमी confidence trick का शिकार हो सकता है, लेकिन सिर्फ बेवकूफ ही trick समझने के बाद भी उसमें फंसा रहेगा। खुशी की बात है कि ज्यादातर users बेवकूफ नहीं हैं, बस वो खुद को बेवकूफ समझते हैं। हर user का अपना brainwashing होता है। इसीलिए इतने सारे अलग-अलग तरह के addicts दिखते हैं, जो इस मामले को और भी confusing बना देते हैं।

Original book nicotine छुड़ने (जो दुनिया की सबसे addictive drugs में से एक है) को लिखी गई थी, पर यह जानकर अच्छा लगा कि वही philosophy यहाँ भी काम करती है। Carr और मैं challenge face कर रहे हैं कि हर user तक ये knowledge कैसे पहुंचाएं। मैं जानता हूं कि हर कोई न सिर्फ आसानी से इसे छोड़ सकता है, बल्कि इस process को enjoy भी कर सकता है। लेकिन जब तक user खुद ये नहीं समझेगा, ये knowledge बेकार है और frustrating भी। अपनी original book में, Allen Carr ने ये controversial सलाह दी है:

“बहुत लोगों ने मुझे कहा: ‘तुम कहते हो की “book खत्म होने तक smoking जारी रखो”। इससे smoker या तो book को बहुत धीरे पढ़ता है या फिर complete ही नहीं करता। तो तुम्हें ये instruction बदल देना चाहिए।’ ये बात logical लगती है, लेकिन मैं जानता हूं कि अगर instruction ये होता कि ‘एकदम से छोड़ दो’, तो कुछ smokers तो book पढ़ना ही शुरू नहीं करते। शुरुआती दिनों में एक smoker ने मुझसे consult किया। उसने कहा, ‘मुझे तुमसे help मांगना अच्छा नहीं लग रहा, मैं जानता हूं कि मेरी willpower strong है। Life के हर दूसरे area में मैं control में हूं। फिर क्यों दूसरे smokers अपनी willpower से छोड़ पाते हैं, और मुझे तुम्हारे पास आना पड़ रहा है?’ वो आगे बोला, ’मुझे लगता है मैं खुद कर सकता हूं, बस smoking करते हुए कर सकूं तो।“

समाज में ये belief है कि smoking छोड़ना बहुत मुश्किल है, तो जब कुछ मुश्किल हो तो smoker को क्या चाहिए होता है? एक सहारा, एक छोटी gold। Smoking छोड़ना double मुसीबत लगती है: एक तो ये difficult काम है - और ऊपर से वो सहारा भी नहीं है जिस पर हम depend करते हैं। शायद इस method की असली खूबसूरती ये है कि process के समय तुम्हें कुछ ‘छोड़ना’ नहीं पड़ता। इसकी जगह, हम पहले सारे डर और doubts से free हो जाते हें, ताकि last session खत्म करते वक्त तुम freedom का मज़ा ले रहे हो।

इसलिए, ये hackbook भी वही सलाह देगी। चाहे कितना भी कहा जाए कि ये easy और enjoyable होगा, बहुत सारे लोग इसे accept नहीं कर पाएंगे क्योंकि उनके दिमाग में ये बैठा हुआ है कि छोड़ना कितना मुश्किल है।

Timing वाला chapter मुझे Allen की advice पर दोबारा सोचने पे मजबूर करता है। देखो, मान लो office stress की वजह से porn देखते हो, तो लोग सोचते हैं छुट्टी में try करेंगे, या फिर इसका उल्टा। पर ये सबसे आसान रास्ता नहीं है। असल में तो जो time तुम्हें सबसे कठिन लगता है, वही चुनो। चाहे stress हो, दोस्तों की party हों, काम का load हो या boring time - एक बार अगर तुमने difficult situation में manage कर लिए, तो बाकी सब मस्त हो जाएगा। लेकिन अगर मैं सीधा ये बोलूं, तो शायद तुम try ही ना करो।

एक मजेदार example देखो। मैं और मेरी बहन swimming जाते हैं। साथ पहुंचते हैं पर कभी साथ swim नहीं कर पाते। क्योंकि वो क्या करती है - पहले एक उंगली डुबोएगी, फिर पैर डुबोएगी, फिर आधे घंटे बाद जाकर swimming करेगी। बेकार का torture है ये तो। मैं सोचता हूं कि पानी कितना भी ठंडा हो, जाना तो है ही, तो सीधा dive मार देता हूं। अब सोचो, अगर मैं बहन से बोलूं कि एकदम से jump करो वरना swimming नहीं - तो वो swimming ही छोड़ देगी। समझ रहे हो क्या problem है?

लोगों से feedback मिला है कि वो timing कि सलाह का फायदा उठाकर बस टालते रहते हैं, सोचते हैं “अभी नहीं यार, वो बुरा दिन बाद में try करेंगे”। मैंने सोचा कि क्यों ना ‘porn के benefits’ वाले chapter की तरह कुछ करें - जैसे लिख दें “बेस्ट timing के बारे में next chapter में बताएंगे” और अगले page पे बस बड़े-बड़े अक्षरों में लिख दें “अभी से रुक जाओ!” सही में यही best advice है, पर क्या तुम मानोगे? इस पूरी trap का सबसे चालू point ये है कि जब life में tension होती है, तब लगता है अभी नहीं छोड़ सकते, और जब tension नहीं होती, तब सोचते हैं छोड़ने की जरूरत ही क्या है। अपने आप से ये questions पूछो:

  1. जब पहली बार porn देखना start किया था, तो क्या तुमने सोचा था कि पूरी life इस पर depend करोगे और कभी छोड़ नहीं पाओगे? बिल्कुल भी नहीं!

  2. तो क्या तुम सच में पूरी life ऐसे ही चलाओगे, बिना कभी छोड़े? कभी नहीं!

तो फिर कब छोड़ोगे? कल? अगले साल? उसके बाद? यही तो भाना बना रहे हो जब से समझे हो कि addict बन गए हो। क्या सोच रहे हो कि एक दिन उठोगे और अपने आप छूट जाएगा? अपने आप को बेवकूफ मत बनाओ, किसी भी addiction में आदमी ज्यादा ही फंसता जाता है। क्या तब तक wait करोगे जब bed से उठना भी मुश्किल लगे और बस masturbate करने का मन करे? इससे तो कोई फायदा नहीं।

असली trap है कि हम सोचते हैं अभी सही time नहीं है - कल ज्यादा आसान होगा। हम सोचते हैं कि हमारी life में बहुत tension है, पर सच में ऐसा नहीं है। आज के time में real stress तो बहुत कम है। घर से बाहर निकलते वक्त तुम्हें जंगली जानवरों का डर नहीं है, ज्यादातर लोगों को ये नहीं सोचना पड़ता कि अगला खाना कहां से आएगा या रात को सोने की जगह मिलेगी या नहीं। एक जंगली जानवर की life के बारे में सोचो, जैसे एक खरगोश - जब भी अपने बिल से बाहर निकलता है, उसके लिए तो Vietnam war जैसा माहौल होता है, वो भी पूरी life! लेकिन वो handle कर लेता है, उसके पास adrenaline और hormones हैं, और हमारे पास भी। सच तो ये है कि किसी भी जीव के लिए सबसे ज्यादा stressful time बचपन और teenage होता है। लेकिन 3 billion साल की natural selection ने हमें stress handle करने के लिए तैयार कर दिया है, इसीलिए तो मुश्किल बचपन वाले भी normal life जी लेते हैं।

कहावत है “अगर health नहीं है तो कुछ नहीं है” - पुरानी बात है पर एकदम सच है। जब तुम physically और mentally मज़बूत होते हो तो अच्छे time का मज़ा ले सकते हो और बुरा time भी handle कर सकते हो। बहुत लोग ज़िम्मेदारीयों को stress समझ लेते हैं; ज़िम्मेदारीयां stress तब बनती है जब हमें लगता है कि हम handle नहीं कर पाएंगे। ज्यादातर लोगों को stress, job या बुढ़ापा बर्बाद नहीं करता, बल्कि वो झूठा सहारा करता है जिसे वो अपना support समझते हैं।

ऐसे सोचो - तुमने तय कर ही लिया है कि पूरी life इस trap में नहीं रहना है। तो कभी न कभी — चाहे आसान हो या मुश्किल — तुम्हें इससे free तो होना ही हैं। Porn कोई hobby या मज़े की चीज़ नहीं है, ये एक addiction है, एक बीमारी है। हम समझ चुके हैं कि कल ये आसान नहीं होगा, बल्कि और difficult होता जाएगा। इससे छुटकारा पाने का time अभी है — या जितना भी जल्दी हो सके। सोचो कि एक हफ्ता कितनी जल्दी निकल जाता है। बस इतना ही तो लगता है। सोचो कितना मज़ा आएगा जब बाकी की life बिना किसी tension के जियोगे। अगर तुम सारी instructions follow करोगे, तो तुम्हें 5 दिन या 3 हफ्ते भी wait नहीं करना पड़ेगा। तुम ना सिर्फ आसानी से छोड़ पाओगे, बल्कि इस process को enjoy भी करोगे!