अध्याय 21 Porn छोड़ने का आसान तरीका
इस chapter में porn छोड़ने का एक आसान तरीका बताया गया है। अगर तुम इन instructions को follow करोगे, तो तुम्हें छोड़ना relatively आसान और मजेदार लगेगा! नीचे दी गई instructions को follow करो तो porn छोड़ना बचपन का खेल है। बस दो चीज़ें करनी हैं:
ये decision लो कि तुम कभी भी दोबारा porn नहीं देखोगे।
छोड़ने पर रोना-धोना मत करो। खुश हो जाओ।
तुम शायद सोच रहे होगे, “फिर बाकी की पूरी book की क्या जरूरत? ये बात पहले क्यों नहीं बता दी?” तो बात ये है कि अगर सिर्फ इतना बताता तो तुम बाद में इस पर दुखी होते और फिर अपना decision बदल देते। तुमने शायद पहले भी कई बार अपना decision बदल होगा।
जैसा कि पहले बताया, porn एक चालाक और खतरनाक trap है। छोड़ने की सबसे बड़ी problem dopamine की लत नहीं है - हालांकि ये problem तो है, पर main नहीं है - असली मुसीबत है brainwashing। इसलिए पहले सारे मिथक और भ्रम तोड़ने जरूरी हैं। अपने दुश्मन को समझो, उसकी चालें जानो, फिर उसे हराना आसान है। मैंने अपनी life का बड़ा हिस्सा छोड़ने की कोशिश में depression में गुजारा, लेकिन जब end में बाहर निकला, तो एकदम zero पर आ गया बिना किसी बुरे पल के। Withdrawal period में भी मज़ा आया और तब से एक भी craving नहीं आई। उल्टा, ये मेरी life की सबसे मजेदार चीज़ों में से एक थी।
मेरी आखिरी कोशिश अलग थी। आजकल के सभी users की तरह, मैंने भी इस problem पर seriously सोचा। तब तक, हर failure के बाद, मैं खुद को तसल्ली देता था कि अगली बार आसान होगा। मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि पूरी life ऐसे ही गुजारनी पड़ेगी। मैं डर गया और मैं इस subject पर गहराई से सोचने लगा।
अब automatically browser खोलने की बजाय मैंने अपनी feelings को समझा किया। सच्चाई सामने थी - मुझे porn से कोई real मज़ा नहीं आ रहा था, बल्कि ये गंदी और disgusting लगती थी। फिर मैंने दुनिया के उन लोगों को देखा जो porn नहीं देखते, या पुरानी generation के लोग जिन्होंने tube sites का ज़माना ही नहीं देखा। पहले मैं non-users को कमज़ोर और boring समझता था। लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वो ज्यादा strong और relaxed थे। life की tensions को बेहतर handle करते थे और social life का ज्यादा मज़ा लेते थे। उनमें एक अलग ही energy और life के लीये उत्साह था।
मैंने ex-users से बातें की। तब तक मैं सोचता था कि ये लोग health या religious कारणों से मजबूरी में छोड़ते हैं और अंदर ही अंदर हमेशा porn की चाह रखते हैं। कुछ ने कहा, “हाँ कभी-कभी थोड़ी craving आती है, पर इतनी कम कि tension लेने वाली बात नहीं।” लेकिन ज्यादातर ने कहा, “Miss करना? मज़ाक कर रहे हो क्या! Life पहले से कहीं बेहतर है!” उनके लिए हर failure भी एक सीख थी - वो खुद को कोसते नहीं थे बल्कि accept कर लेते थे। एक coach की तरह जो अपने अच्छे player की गलती को समझता है। Ex-users से बात करने से मेरा एक और भ्रम टूटा - कि मुझमें कोई कमी है। धीरे-धीरे समझ आया कि हर कोई इस अकेलेपन के nightmare से गुजरता है।
Basically, मैंने खुद से कहा, “इतने सारे लोग छोड़ कर खुशी-खुशी जी रहे हैं, शुरू करने से पहले मुझे भी इसकी जरूरत नहीं थी, और मुझे याद है कैसे इस गंदगी की आदत डालने में मेहनत करनी पड़ी थी। तो अब मुझे क्यों देखना है?” वैसे भी, मुझे porn से कोई enjoyment नहीं मिलती, पूरा ritual ही गंदा लगता था और मैं अपनी बाकी की life इस घिनौना addiction की गुलामी में नहीं बिताना चाहता था। फिर मैंने खुद से ये कहा:
“चाहे तुम्हें अच्छा लगे या बुरा, तुम्हारा आखिरी session पूरा हो चुका है।”
जिस दिन मैंने ये फैसला लिया, मुझे पूरा यकीन था कि अब कभी वापस नहीं जाऊंगा। मैं जानता था ये आसान नहीं होगा - बल्कि मैंने खुद को तैयार कर लिया था कि आने वाले महीने depression में जाएंगे और ज़िंदगी भर कभी-कभी cravings आती रहेंगी। लेकिन हुआ इसका एकदम उल्टा - पहले दिन से ही एक अजीब सी खुशी महसूस हुई।
ये समझने में मुझे time लगा कि छोड़ना इतना आसान क्यों रहा और वो डरावनी withdrawal cravings क्यों नहीं आईं। फिर समझ में आया - ये cravings असल में होती ही नहीं हैं। ये सिर्फ हमारे मन का वहम है, जो doubt और confusion से पैदा होता है। एक बेहद खूबसूरत सच्चाई है: porn छोड़ना वास्तव में आसान है। बस दो चीज़ें इसे मुश्किल बनाती हैं - अपने decision पर शक करना और इसके पीछे रोते रहना। Addiction में भी लोग कई बार लंबे time तक बिना porn के रह लेते हैं। असली परेशानी तब होती है जब दिमाग कहता है “चाहिए” पर तुम्हें “मिल नहीं पाता”।
इसलिए इसे आसान बनाने का एक ही तरीका है - एक बार का फैसला, अटल फैसला। सिर्फ hope नहीं, बल्कि पक्का समझना करना कि तुमने इसे हरा दिया है। फिर कभी question नहीं करना, उल्टा हर दिन जश्न मनाना। अगर शुरू से ही तुम्हारा mind clear है, तो ये journey बेहद आसान हो जाएगी। लेकिन सवाल ये है - शुरू से ही इतना confident कैसे हो सकते हो? इसीलिए बाकी की book इतनी important है। कुछ ऐसे जरुरी points हैं जो शुरू करने से पहले एकदम clear होने चाहिए:
सबसे पहले ये समझो कि तुम कर सकते हो। तुम में कोई कमी नहीं है और सिर्फ तुम ही खुद को porn देखने पर मजबूर कर सकते हो। वो star जिसकी video तुम देख रहे हो, उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसका use किसी की मर्दानगी कम करने में होगा।
तुम कुछ खो नहीं रहे हो। उल्टा, बहुत कुछ positive पाने वाले हो। सिर्फ healthier ही नहीं, अच्छे वक्त का मज़ा double होगा और बुरे वक्त में कम परेशान होगे।
एक बार देख लूं” या “थोड़ा सा देख लूं” जैसी कोई चीज़ नहीं होती। Pornography एक नशे की लत है, एक chain reaction है। हर छोटी-मोटी slip के लिए खुद को कोसते रहोगे तो खुद को बेकार में torture करोगे।
Porn को कोई मामूली “लड़कों वाली आदत” मत समझो जो शायद नुकसान करे। इसे एक नशे की बीमारी की तरह देखो। इस सच्चाई का सामना करो कि चाहे तुम्हें पसंद हो या न हो, तुम्हें ये बीमारी है। अपना सिर रेत में छुपाने से ये नहीं जाएगी। और हर serious बीमारी की तरह, ये life भर रहती है और हर दिन बदतर होती जाती है। इसे ठीक करने का सबसे आसान time अभी है।
बीमारी यानी neurological addiction को user होने या न होने की mindset से अलग करो। हर user अगर time machine से वापस जा सकता, जब वो इस लत में नहीं था, तो वो मौका हाथों-हाथ ले लेता। आज तुम्हारे पास वही मौका है! इसे ‘छोड़ना’ मत समझो।
जैसे ही तुम ये final decision लेते हो कि ये तुम्हारा last session था, तुम non-user बन जाते हो। User वो बेचारा होता है जो अपनी life porn से बर्बाद करता रहता है। Non-user वो है जो ऐसा नहीं करता। एक बार final decision ले लिया, तो तुमने अपना goal हासिल कर लिया। इस बात की खुशी मनाओ, chemical addiction जाने का इंतज़ार करते हुए बैठे मत रहो। बाहर निकलो और life का मज़ा लो, अभी से। Life addiction में भी मजेदार होती है, और हर दिन और बेहतर होती जाएगी जब तुम free हो जाओगे।
छोड़ना आसान बनाने की राज है withdrawal period में completely दूर रहने में जीत का पक्का भरोसा होना। ये period ज्यादा से ज्यादा तीन हफ्तों का होता है। अगर तुम्हारी mindset सही है, तो ये बच्चों का खेल लगेगा।
इस stage तक, अगर तुमने अपना दिमाग खुला रखा है, तो तुमने पहले ही तय कर लिया होगा कि तुम्हें इस जाल से निकलना है। अब तुम्हें excitement feel होनी चाहिए, बिल्कुल उस कुत्ते की तरह जो अपनी रस्सी खींच रहा हो, जो porn के DeltaFosB water slides को तोड़ने के लिए बेताब हो। अगर तुम्हें डर या उदासी महसूस हो रही है, तो इनमें से कोई एक वजह होगी:
हो सकता है कुछ बातें अभी दिमाग में पूरी तरह set नहीं हुई हैं। ऊपर बताए गए पांच points फिर से पढ़ो और खुद से पूछो - क्या तुम्हें लगता है ये सच हैं? अगर किसी point पर doubt है, तो book का वो section दोबारा पढ़लो।
कहीं तुम failure से डर तो नहीं रहे? tension मत लो, बस आगे पढ़ते जाओ और तुम succeed कर जाओगे। ये पूरा internet porn का system एक बहुत बड़ा confidence trick है। smart लोग भी इस trick में फंस जाते हैं, लेकिन सिर्फ बेवकूफ ही trick समझने के बाद भी खुद को बेवकूफ बनाते रहते हैं।
हो सकता है तुम सब कुछ मान रहे हो फिर भी sad हो। मत हो sad! अपनी आंखें खोलो, कुछ wonderful हो रहा है। तुम एक जेल से आज़ाद होने वाले हो। सही mindset से शुरू करना बेहद जरुरी है: “कितनी अच्छी बात है कि मैं अब non-user हूं!”
अब बस एक ही काम बाकी है - withdrawal period के दौरान इसी mindset में रहना, और अगले कुछ chapters में points बताए गए हैं जो तुम्हें help करेंगे। Withdrawal period के बाद तुम्हें ऐसा सोचने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, ये automatically आएगा। तुम्हारी life का एकमात्र mystery यही होगा कि तुमने ये पहले क्यों नहीं समझा। लेकिन, दो जरुरी warnings।
जब तक पूरी book खत्म न कर लो, तब तक अपना last session का plan टाल दो।
बार-बार तीन हफ्तों के withdrawal period की बात आई है, जो confusion पैदा कर सकती है। पहली बात - तुम्हारे दिमाग में ये न बैठे कि तुम्हें तीन हफ्ते तकलीफ झेलनी है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। दूसरी बात - इस trap में मत फंसो कि “बस किसी तरह तीन हफ्ते निकाल लूं, फिर सब ठीक हो जाएगा।” तीन हफ्तों के बाद कोई जादू नहीं होगा, तुम अचानक non-user feel नहीं करोगे, क्योंकि non-users कोई अलग feel ही नहीं करते users से। अगर तुम इन तीन हफ्तों में रोते-धोते रहोगे, तो chances हैं कि तीन हफ्ते के बाद भी रोते-धोते रहोगे। सीधी सी बात है - अगर तुम अभी से कह सकते हो “मैं अब कभी use नहीं करूंगा, कितनी खुशी की बात है!”, तो तीन हफ्तों के बाद सारी temptation खत्म हो जाएगी। लेकिन अगर तुम सोचोगे “काश मैं बिना porn के ये तीन हफ्ते survive कर लूं…”, तो तीन हफ्ते खत्म होते ही तुम porn के लिए तड़प रहे होगे।
देखो, तुम्हारा दिमाग चाहता है कि चीज़ें जैसी हैं वैसी ही रहें। तो अगर तुम्हें लगता है कि छोड़ने में तुम कुछ अच्छा खो रहे हो, तो ज़ाहिर है कि तुम बत्तर feel करोगे। तुम दिमाग को जबरदस्ती कुछ feel नहीं करा सकते अगर वो इसे सच नहीं मानता। इसीलिए ये समझना बहुत important है कि porn तुम्हें कुछ भी नहीं देता - एक भ्रम है बस। तभी तुम जान पाओगे कि तुम कुछ भी miss नहीं कर रहे हो।
Sexual dysfunction का बहुत गहरा संबंध है दिमाग और mindset से। Internet porn तुम्हारे दिमाग के reward circuit को बदल के रख देता है और एक ‘doubtful’ mindset दे देता है। ये self-doubt पक्का sexual dysfunction की तरफ ले जाएगा। दिमाग से पूरा मन होता है लेकिन नीचे से कोई arousal नहीं - इससे बुरी mindset और कोई नहीं हो सकती। Romance के साथ natural libido जवानी का अमृत है जो तुम्हारे साथ life भर रह सकता है। Porn छोड़ने से इसकी chances बढ़ जाती हैं, लेकिन ये एकमात्र या सबसे बड़ा फायदा नहीं है। सबसे बड़ी बात है गुलामी से आज़ादी!