अध्याय 29 Feedback
लड़ाई users के खिलाफ नहीं है, porn-industry के trap के खिलाफ है, और मैं ये लड़ाई इसलिए लड़ रहा हूं क्योंकि मुझे इसमे satisfaction मिलता है। हर बार जब मैं किसी user को इस जेल से निकलते देखता हूं तो बहुत खुशी होती है। लेकिन इस खुशी के साथ काफी frustration भी रहा है, खासकर दो तरह के porn users की वजह से। पिछले chapter में warning देने के बावजूद, मैं हैरान हूं कि कितने लोग आसानी से छोड़ने के बाद, फिर दोबारा फंस जाते हैं और अगली बार कामयाब नहीं हो पाते।
ये ऐसा है जैसे कोई दलदल में गर्दन तक फंसा हो और डूबने वाला हो। तुम उसे खींच कर निकालते हो और वो thankful भी होता है, लेकिन छह महीने बाद सीधा दलदल में फिर से कूद जाता है। जो users आसानी से छोड़ते और फिर शुरू कर देते हैं, वो एक खास प्रॉब्लम हैं, इसलिए जब तुम free हो जाओ तो PLEASE, PLEASE, ये गलती मत करना। लोग सोचते हैं कि ऐसे लोग फिर शुरू कर देते हैं क्योंकि वो अभी भी फंसे हुए हैं और dopamine की कमी महसूस कर रहे हैं। असल में, उन्हें छोड़ना इतना आसान लगता है कि वो porn से डरना ही भूल जाते हैं। वो सोचते हैं, “कभी-कभार एक session कर लूंगा, और अगर फंस भी गया तो कोई बात नहीं, फिर से आसानी से छोड़ दूंगा।”
देखो भाई, ऐसे नहीं चलता ये game, क्योंकि porn छोड़ना तो आसान है पर addiction को control करना नामुमकिन है। porn छोड़ने के लिए बस एक ही चीज़ जरूरी है - इसे use न करना।
लोग वापस porn की तरफ इसलिए आते हैं क्योंकि वो EasyPeasy के “Easy” को गलत समझ लेते हैं।
एक सीन सोचो - कोई बंदा एक ठंडे कमरे की फर्श पे बैठा है। सामने वाली दीवार पे एक खिड़की है जहां से एकदम perfect बसंत का दिन दिख रहा है - पेड़ हल्के से हिल रहे हैं, चिड़ियां चहक रही हैं - और बगल में एक unlocked दरवाजा है।
क्या इस ठंडे कमरे से निकलने में कोई willpower लगगी? नहीं! क्या बाहर निकलना अंदर रहने से ज्यादा मुश्किल है? बिल्कुल नहीं! (असल में थोड़ा आसान है क्योंकि body move तो कर रही है)। कोई समझदार इंसान खुद को ऐसी situation में क्यों डालेगा, खुद को महीनों या सालों की frustration में क्यों डालेगा, जब तक कि कोई उसे बेवकूफ न बना रहा हो?
EasyPeasy परदे हटा देता है ताकि user बाहर साफ-साफ देख सके और उसके भ्रम टूट जाएं कि बाहर कितना डरावना है और वो कमरे में कितना आराम से है।
एक और टाइप के frustrating users हैं जो कोशिश करने से ही डरते हैं। या फिर जब करते हैं तो बहुत struggle करते हैं। उन्की main problem हैं:
- Fail होने का डर
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Fail होने में कोई शर्म की बात नहीं है, पर कोशिश ना करना एकदम बेवकूफी है। ऐसे सोचो - तुम किससे डर रहे हो? सबसे बुरा क्या हो सकता है? Fail हो जाओगे? तो भी वहीं होगे जहां अभी हो। जरा सोचो अगर कामयाब हो गए तो कितना मस्त होगा। कोशिश ही नहीं करोगे तो fail तो पक्का हो ही।
- दर्द और बेचैनी का डर
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अरे टेंशन क्या ले रहे हो? बस एक बात सोचो: अगर तुमने कभी porn नहीं देखा तो क्या बुरे से बुरा हो जाएगा? कुछ भी नहीं होगा। पर अगर देखते रहे तो पक्का बुरा होगा। वो Pascal’s Wager वाली बात याद करो। और हां, ये घबराहट तो बस dopamine की वजह से है, जल्द ही खत्म हो जाएगी। सबसे बड़ी बात है इस डर से छुटकारा पाना। क्या तुम सच में सोचते हो कि users जान-बूझकर अपनी sex life की वाट लगाना चाहते हैं? या फिर porn से मिलने वाली fake खुशी के लिए सब कुछ दांव पर लगा देते हैं? अगर panic हो रहे है तो गहरी सांस लो, काम आयेगी। अगर दूसरे लोग तुम्हारा दिमाग खा रहे हों तो वहां से निकल लो - garage में चले जाओ, खाली office में, कहीं भी।
रोना आ रहा हो तो रो लो, शर्माओ मत। रोना तो tension कम करने का natural तरीका है। कभी किसी ने रोने के बाद बुरा feel नहीं किया। हम लड़कों के साथ सबसे बुरी चीज़ ये करते हैं कि उन्हें रोने से रोकते हैं। देखो कैसे आंसू रोकने की कोशिश करते हैं, दांत पीसते रहते हैं। हमें सिखाया जाता है emotions मत दिखाओ, पर अंदर दबाना तो गलत है ना। चिल्लाओ, शोर मचाओ, गुस्सा करो। कुछ लात मारो। इसे एक boxing match समझो जिसे तुम हार ही नहीं सकते। Time को कोई नहीं रोक सकता, और हर पल के साथ तुम्हारे अंदर का वो छोटा शैतान मर रहा है। अपनी पक्की जीत का मज़ा लो।
- Instructions follow न करना
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मज़े की बात देखो, कुछ users कहते हैं कि ये तरीका काम नहीं किया। फिर बताते हैं कैसे उन्होंने एक नहीं, लगभग सारी instructions को नजरअंदाज कर दिया। clarity के लिए इस chaper के end में एक checklist दी गई है।
- Instructions को गलत समझना
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इसमें Main problems ये हैं::
- “मैं porn के बारे में सोचना नहीं छोड़ पा रहा”
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अरे भाई, हां नहीं छोड़ पाओगे, और अगर ज्यादा कोशिश करोगे तो phobia बन जाएगा और तुम दुखी हो जाओगे। बिल्कुल रात को नींद की तरह: जितना सोने की कोशिश करोगे, उतनी कम आएगी। कोई बात नहीं अगर तुम अपनी 90% life porn के बारे में सोचो, असली बात ये है कि तुम क्या सोच रहे हो। अगर सोच रहे हो “अरे यार, porn देखना कितना मस्त लगता है” या “कब free होऊंगा?” तो दुखी होगे। लेकिन अगर सोच रहे हो “Yes बे! मैं आज़ाद हूं!” तो खुश रहोगे।
- “ये porn का छोटा शैतान कब मरेगा?”
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Dopamine की लत तो बहुत जल्दी body से निकल जाता है, पर ये बताना मुश्किल है कि कब body dopamine की कमी की हल्की felling से छुटकारा पाएगी। वो खालीपन, insecurity वाली feeling बिल्कुल normal भूख, depression या तनाव जैसी होती है। Porn बस इसका level बढ़ा देता है। इसीलिए willpower से छोड़ने वाले users को कभी पक्का पता नहीं चलता कि उन्होंने छोड़ दिया है, भले ही उनकी body में dopamine की कमी की हल्की felling खत्म हो गयी हो। अगर normal भूख या तनाव हो तो उनका दिमाग कहता है कि ये एक valid reason है एक session का।। Point ये है कि craving जाने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये इतनी हल्की होती है कि हमें पता भी नहीं चलता, बस ‘कुछ चाहिए’ जैसा लगता है। Dentist से निकलने के बाद क्या तुम जबड़े का दर्द खत्म होने का इंतजार करते हो? बिल्कुल नहीं, तुम अपनी life जीते हो। भले ही जबड़ा दुख रहा हो, तुम खुश होते हो।
ये मत सोचो कि withdrawal कब जाएगा क्योंकि फिर तुम खुद से पूछते रहोगे “कितना time लगेगा? अगर कुछ अलग feel नहीं हो रहा तो क्या मैं free हूं?” असली बेचैनी तो डर है, इसलिए छोड़ने के बाद life के बेहतर होने का इंतजार करने से doubt पैदा होगा। Withdrawal तो महसूस ही नहीं होता जब तक तुम डरो नहीं, और दिमाग में जो सुधार होते हैं वो धीरे-धीरे होते हैं। तो अगर तुम अलग feel करने का wait करोगे तो लगेगा कुछ हो ही नहीं रहा, और doubt आएगा।
- “‘सच्चाई-का-सामना’ अभी तक नहीं हुआ”
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इसका इंतजार करोगे तो एक और phobia बना लोगे। एक बार मैंने willpower से तीन हफ्ते तक छोड़ा था। एक पुराने दोस्त से बात हो रही थी, उसने पूछा कैसा चल रहा है। “तीन हफ्ते survive कर लिया”, मैंने जवाब दिया। उसने पूछा, “मतलब क्या है तीन हफ्ते survive कर लिया?” मैंने समझाया, “तीन हफ्ते से porn नहीं देखा।” वो बोला, “क्या करेगा? बाकी की जिंदगी survive करेगा? किस चीज का इंतजार कर रहा है? तूने कर दिया। तू non-user है।”
मैंने सोचा, “एकदम सही कह रहा है, मैं किस चीज का इंतजार कर रहा हूं?” बदकिस्मती से, trap को पूरी तरह ना समझने की वजह से मैं फिर फंस गया, पर बात समझ में आ गई। तुम non-user तब बन जाते हो जब browser बंद करते हो। Main बात है शुरू से ही एक खुश non-user बनना।
- “मुझे अभी भी porn की craving हो रही है”
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तो तुम बेवकूफी कर रहे हो। कैसे कह सकते हो कि non-user बनना चाहते हो और फिर कहो कि porn चाहिए? ये तो उलटी बात हुई ना। अगर कह रहे हो porn चाहिए, तो कह रहे हो कि user बनना चाहते हो। Non-users उन गंदी tube sites पे जाना नहीं चाहते। तुम जानते हो तुम क्या बनना चाहते हो, तो खुद को सजा देना बंद करो।
- “मैंने अब ज़िंदगी जीना छोड़ दीया है”
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क्यों भाई? तुम्हें बस खुद को मारना बंद करना है और energize करना है। तुम्हें जीना बिल्कुल नहीं छोड़ना है। बात बस इतनी सी है, अगले कुछ दिनों में तुम्हारी life में थोड़ी सी परेशानी होगी। तुम्हारी body dopamine की demand करेगी और withdrawal की हल्की सी चिड़चिड़ाहट झेलेगी। याद रखो: तुम पहले से बदतर हालत में नहीं हो। ये वही है जो तुम पूरी जिंदगी झेलते आए हो - सोते वक्त, मंदिर में, बाज़ार या liberary में। जब user थे तब इससे परेशान नहीं थे और अगर नहीं छोड़ोगे तो बाकी की जिंदगी ये तकलीफ झेलते रहोगे।
Porn और orgasms किसी moment को खास नहीं बनाते, उसका मज़ा खराब करते हैं। भले ही तुम्हारी body अभी dopamine के लिए रो रही हो, खाना-पीना और socal events मज़ेदार होते हैं। ज़िंदगी मज़ेदार है - parties में जाओ, चाहे वहां nude dancers भी हों। याद रखो तुम कुछ नहीं खो रहे हो, वो खो रहे हैं। उनमें से हर एक तुम्हारी जगह होना चाहेगा, बस उन्हें पता होना चाहिए। मज़े से hero/heroin बनो, party के superstar बनो। Porn छोड़ना एक मस्त बातचीत का topic भी है, एक छुपा हुआ मज़ा जो वो नहीं ले सकते। तुम्हारे दोस्त हैरान होंगे कि तुम, जो पहले शर्माते और थके-थके रहते थे, अब खुश और मस्त हो। शुरू से ही ज़िंदगी enjoy करोगे; Parties में pick-up artists से जलने की जरूरत नहीं, वो तुमसे जलेंगे - काश उन्हें पता होता।
- “मैं बहुत दुखी और चिड़चिड़ा हो रहा हूं।”
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अरे ये instructions follow न करने की निशानी है। पता करो कौन सा instructions miss कर रहे हो। कुछ लोग सब समझते हैं, मानते हैं, फिर भी शुरू करते हैं जैसे कोई आफत आ गई हो। अरे तुम वो कर रहे हो जो तुम करना चाहते हो, और जो दुनिया का हर user करना चाहता है। किसी भी method से छोड़ने में, ex-user एक खास दिमागी state पाना चाहता है, इसलिए हर porn से जुड़ी बात के साथ सोचो “Yes! मैं free हो गया!” अगर यही तुम्हारा goal है, तो इंतजार किस बात का? इसी दिमागी state से शुरू करो और कभी मत छोड़ो। कोई दूसरा options है ही नहीं।
- “एक हफ्ता/महीना/छह महीने मस्त गये पर अब फिर trap में फंस गया”
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याद रखो, डर ही असली बेचैनी का कारण है। बेचैनी के कारण के आगे झुकने से और डर पैदा होता है, जो कमजोर पड़े छोटे शैतान को फिर से ताकत दे देता है और non-user को डरा देता है कि वो जिंदगी भर के लिए फंस गया है। असल में, उनकी brainwashing की समझ नहीं बदली, और उन्होंने इस सोच को dopamine का सहारा दे दिया। ये भी एक सीख है, एक सबक है - पर सिर्फ तभी जब तुम इससे सीखो। instruction को ठीक से समझो और फिर से शुरू करो, इस बार और मजबूत होकर।
29.1 The Checklist
इन instructions को follow करो, fail हो ही नहीं सकते:
एक पक्का वादा करो कि तुम कभी भी, कभी भी, online कोठे पर नहीं जाओगे, ना ही photos से काम चलाओगे, ना ही sexy graphics से समझौता करोगे, ना ही कोई भी चीज जो supernormal trigger देती है। और इस वादे पर अडिग रहो।
ये बात दिमाग में clear कर लो: छोड़ने में कुछ भी खोना नहीं है। इसका मतलब सिर्फ ये नहीं कि non-PMOer के तौर पर तुम बेहतर होगे (ये तो तुम अब तक जान ही गये होगे); या PMO करना logical नहीं है, फिर भी तुम्हें इससे pleasure या सहारा मिलता है, वरना तुम करते क्यों। असल में PMO में कोई pleasure या सहारा नहीं है। ये दीवार में सिर मारने जैसा है, ये सोचकर के रुकने पर सुकून मिलेगा।
कोई confirmed PMOer नहीं होता। तुम बस उन करोड़ों लोगों में से एक हो जो इस trap में फंस गए। उन लाखों ex-PMOers की तरह जो कभी सोचते थे कि वो नहीं छोड़ पाएंगे, तुम भी छूट गए।.
अगर जिंदगी में कभी भी PMO के फायदे-नुकसान तोलोगे, तो नतीजा हमेशा यही होगा “बंद कर इसे। पागल है क्या!” ये कभी नहीं बदलेगा। हमेशा ऐसा ही था और रहेगा। जब तुम जानते हो कि ये सही फैसला है, तो doubt करके खुद को torture मत करो। Pascal’s Wager बिल्कुल PMO पे fit बैठता है - खोने का chance नहीं, जीतने का chance ज्यादा, और नुकसान से बचने का chance भी ज्यादा।
Porn के बारे में न सोचने की कोशिश मत करो, या इस बात की tension मत लो कि तुम लगातार इसके बारे में सोच रहे हो। जब भी सोचो, चाहे आज, कल या पूरी जिंदगी, बस यही सोचो “Yes! मैं non-PMOer हूं!”
किसी तरह का substitute मत use करो। सोते वक्त laptop पास रखकर खुद को challenge मत करो। plays, films या magzines से मत बचो। सिर्फ इसलिए कि तुमने छोड़ दिया है अपनी lifestyle में कोई बदलाव मत करो।. अगर ऊपर के इंस्ट्रक्शंस फॉलो करोगे तो जल्द ही ‘सच्चाई का पल’ आएगा, लेकिन:
‘सच्चाई के पल’ का इंतजार मत करो। बस अपनी life जियो, अच्छे वक्त का मज़ा लो और बुरे वक्त को handle करो। देखते ही देखते वो पल आ जाएगा।