अध्याय 24 क्या मेरे लिए ज्यादा मुश्किल होगा?

हर user के लिए अलग-अलग factors होते हैं जो बताते हैं कि उनके लिए छोड़ना कितना आसान होगा। सबकी अपनी personality है, career है, personal हालात हैं, timing है, body का system अलग है। कुछ professions में ज्यादा मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर brainwashing हट जाए तो ये problem नहीं रहती। कुछ examples देखो:

Medical profession वालों के लिए कभी-कभी मुश्किल होता है। लोग सोचते हैं doctors के लिए आसान होना चाहिए क्योंकि वो effects के बारे में ज्यादा जानते हैं। पर ये knowledge उन्हें छोड़ने की strong reasons तो देती है, लेकिन process आसान नहीं बनाती। वजहें ये हैं:

  1. हर वक्त health risks होने से डर लगा रहता है, और डर की condition में withdrawal की बैचेनी को दूर करने की जरूरत महसूस होती है।

  2. Doctor की job में बहुत stress होता है और वो काम करते हुए withdrawal के extra stress को handle नहीं कर पाते।

  3. उन्हें guilt का extra stress भी होता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्हें दूसरों के लिए example set करना चाहिए। इससे उन पर और pressure आता है और deprivation की feeling बढ़ जाती है।

दिनभर के काम के बाद जब porn से थोड़ी राहत मिलती है, तो लोग session को राहत का कारण मान लेते हें। इससे porn को relexation का credit मिल जाता है, और जब छोड़ते हैं और withdrawal से बैचेनी आते ही porn अचानक कीमती लगने लगता है। ये casual users का एक type है और किसी भी ऐसी situation में लागू होता है जहां user को लंबे time के लिए रुकना पड़ता है। Willpower के तरीके में user उदास रहता है, उसे लगता है कि कुछ miss हो रहा है और वो session के बाद की थकान और नींद का मज़ा नहीं ले पा रहा। कुछ miss होने की feeling और बढ़ जाती है। लेकिन अगर पहले brainwashing और रोना-धोना हटा दो, तो body चाहे serotonin, norepinephrine और dopamine के लिए तड़प रही हो, फिर भी break और नींद का मज़ा आता है।

एक और difficult situation है बोरियत, खासकर जब stress के साथ combo बन जाए। जैसे students और single parents, जिनका काम stressful भी है और boring भी। Willpower से जब छोड़ने की कोशिश करते हैं, तो single लोगों के पास अपने ‘नुकसान’ पर रोने का बहुत time होता है, जिससे depression बढ़ता है। पर अगर mindset सही हो तो ये आसानी से handle हो जाता है। इस बात की tension मत लो कि तुम्हें porn छोड़ना बार-बार याद आ रहा है। इन पलों को celebrate करो कि तुम इस शैतान से छुटकारा पा रहे हो।

बस positive रहो तो ये बैचेनी मज़े के moments लगेंगे। और सबसे बड़ी बात - कोई फर्क नहीं पड़ता तुम क्या हो, कितने smart हो, क्या करते हो - कोई भी इसे आसानी से और मज़े से छोड़ सकता है। बस एक ही शर्त है - सारी instructions को फॉलो करो चाहे कुछ भी हो जाए।

24.1 फेल होने की main वजहें

फेल होने की दो बड़ी वजहें हैं। पहली है बाहर की चीज़ों का असर - कोई ad आ गया, कोई news article दिख गया, या net पे कुछ और देख लिया। कमज़ोर moment में फंस गए, या फिर social scene में दूसरों को romance करते देख जलन होने लगी। इस topic पे तो हमने पहले ही बहुत discussion कीया है। ऐसे time में याद करो कि “एक बार देखने” जैसी कुछ नहीं होता। खुश रहो कि तुम इस दिमागी गुलामी की chain तोड़ चुके हो। याद रखो कि users तुमसे जल रहे हैं और उन पर तरस खाओ, उन्हें इसकी जरूरत है।

दूसरी वजह है - दिन बुरा जा रहा है। शुरू करने से पहले ही समझ लो, चाहे तुम user हो या नहीं, अच्छे-बुरे दिन सबके आते हैं। बारिश में साधु-संत भी भीगते हैं पे और चोर उचक्के भी।। ज़िंदगी में उतार-चड़व तो आएंगे ही। Willpower के तरीके में दिक्कत है कि जैसे ही बुरा दिन आता है, बंदे को ‘online कोठे’ पे जाने का तड़प होने लगती है, और situation और बिगड़ जाती हैं। Non-user तनाव और tension को बेहतर संभाल पाता है, न सिर्फ physically बल्कि mentally भी। Withdrawal के समय में कोई बेकार दिन आए तो उसे chill होके लेलो; याद करो कि जब तुम addicted थे तब भी बुरे दिन आते थे, तभी तो तुमने छोड़ने का सोचा। रोने-धोने की बजाय सोचो: “Ok, आज दिन झंड है पर porn से कुछ नहीं होगा। कल बेहतर होगा और कम से कम - मैंने इस addiction को हरा दीया है।”

जब तुम porn देखते हो, तब दिमाग को इसके नुकसान नजर नहीं आते। Users कभी नहीं मानते कि उनका brain fog है, बस कहते हैं “थोड़ा down हूं यार”। जब life में कोई परेशानी आती है तो porn की याद आती है, तब क्या तुम्हैं आच्छा लगता है? नहीं लगता। और जब छोड़ दो, तो हर गड़बड़ के लिए सोचते हो कि “इसलिए ऐसा हो रहा है क्योंकि मैंने porn छोड़ दिया”।

काम में stress आया नहीं कि दिमाग में आता है, “यार ऐसे time तो मैं एक session ले लेता था।” हां भाई सही है, पर एक बात गांठ बांध लो - porn ने कभी कोई tension खत्म नहीं की, तुम बस फालतू के सहारे के पीछे रो-रो के खुद की वाट लगा रहे हो। खुद ही अपने लिए ऐसी situation बना कर रहे हो - porn नहीं देख सकते तो रो रहे हो, और देखोगे तो और ज्यादा रोओगे। जब पता है कि छोड़ने का फैसला एकदम सही है, तो फिर doubt करके खुद को torture क्यों कर रहे हो?

याद रखो, positive सोच रखना बहुत जरूरी है - हर वक्त, हर हाल में।